डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: अगर आप शुक्रवार 3 जुलाई को जमशेदपुर की सड़कों पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर कल जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बंद का नेतृत्व करने का फैसला किया है, जिसकी शुरुआत आज गुरुवार शाम को विभिन्न मंडलों में निकलने वाले मशाल जुलूस से होने जा रही है। साकची स्थित भाजपा कार्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने इस आंदोलन की रूपरेखा सामने रखी।
क्या हैं बंद के मुख्य कारण?
विपक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जो जमशेदपुर कभी अपनी शांति और सुरक्षा के लिए जाना जाता था, वह अब अपराधियों के हौसलों के आगे लाचार नजर आ रहा है। बंद के पीछे मुख्य रूप से कुछ मुद्दे उठाए गए हैं।
हिमांशु सिंह हत्याकांड का खौफ: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने हाल ही में हुई हिमांशू सिंह की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे शहर में दहशत का माहौल बना दिया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल: जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर में महिलाओं के खिलाफ अपराध, चेन स्नेचिंग और चापड़बाजी जैसी वारदातें लगातार बढ़ रही हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली: नेताओं का आरोप है कि पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने के बजाय मामलों में समझौते की कोशिशों में जुटी रहती है। गश्ती बढ़ाने और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
यह कोई राजनीतिक स्टंट नहीं
आमतौर पर राजनीतिक दलों के बंद को चुनावी नफा-नुकसान से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस बार भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव सिंह ने साफ किया है कि इस आंदोलन का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। यह सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा और शहर की बिगड़ी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने की एक कोशिश है।
क्या-क्या हो सकता है प्रभावित?
भाजपा नेताओं ने शहर के सभी व्यापारियों, उद्योगपतियों, स्कूल प्रबंधनों और आम नागरिकों से इस बंद को सफल बनाने और इसमें स्वेच्छा से भाग लेने की अपील की है। ऐसे में शुक्रवार को बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कुछ निजी स्कूलों के संचालन पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

