​क्राइम कैपिटल बनती नाइटलाइफ? जमशेदपुर के ‘डबल डाउन’ से ‘सागर बार’ तक, वो 5 कांड जिसने शहर को डरा दिया

Manju
By Manju
6 Min Read

डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: टाटा की नगरी जमशेदपुर, जिसे कभी अपनी शांति, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुशासित लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता था, आज उसकी रातों का रंग बदल रहा है। शहर में तेजी से पैर पसार रही पब, क्लब और डांस बार संस्कृति युवाओं को अपनी ओर खींच तो रही है, लेकिन इसके साथ ही यह नाइटलाइफ अब खूनी झड़पों, गैंगवार और अवैध धंधों का नया अड्डा बनती जा रही है। हाल के कुछ वर्षो में शहर के नामी-गिरामी बार और होटलों से जो खबरें निकलकर सामने आई हैं, वो इस बात की गवाही देती हैं कि जहां कानून का खौफ होना चाहिए, वहां रसूख और शराब के नशे में सरेआम गोलियां और चापड़ चल रहे हैं।

शहर के वह 5 बड़े मामलें, जिसने स्टील सिटी को झकझोर कर रख दिया
1. बिष्टुपुर का डबल डाउन कांड: पुलिस की नाक के नीचे कत्लेआम (जून 2026)
​शहर के सबसे पॉश इलाके बिष्टुपुर का डबल डाउन (डीडी) पब एंड बार उस वक्त छावनी में बदल गया, जब बार के भीतर शुरू हुआ एक मामूली विवाद बाहर सड़क पर खूनी खेल में बदल गया। हद तो तब हो गई जब बाहर पुलिस की मौजूदगी होने के बावजूद दो युवकों पर चापड़ से ताबड़तोड़ हमला किया गया। इस वीभत्स हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की टीएमएच में इलाज के दौरान मौत हो गई।
​इस हाई-प्रोफाइल मामले में भाजपा नेता बार संचालक नीरज सिंह समेत 10 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं अपराधियों के हौसले और पुलिस की विफलता को देखते हुए मौके पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया।

2. डॉल्फिन क्लब पूल पार्टी: छेड़खानी के बाद रणक्षेत्र बना मानगो (जून 2026)
​इसी महीने (8 जून) मानगो के एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित डॉल्फिन क्लब में युवाओं की एक पूल पार्टी का आयोजन हुआ था। डीजे की धुनों और पानी की बौछारों के बीच माहौल तब बिगड़ गया जब कुछ असामाजिक तत्वों ने छेड़खानी की। इसके बाद दो गुटों के बीच जो विवाद शुरू हुआ, उसने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। लाठी-डंडे और लात-घूंसे चलने से कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई। इस मारपीट में एक युवती समेत तीन लोग लहूलुहान होकर घायल हो गए।

3. रॉयल हिल होटल: डांस बार की आड़ में ‘जिस्म का बाजार’ (मार्च 2024)
​मानगो के ही रायल हिल होटल में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से डांस बार का संचालन किया जा रहा था। जब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, तो शहर में चल रहे इस रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। मामले में होटल मालिक, मैनेजर, सात कर्मचारी और अवैध रूप से बुलाई गई 11 बार बालाओं के खिलाफ कड़ा मामला दर्ज किया गया। इस घटना ने साफ किया कि जमशेदपुर में महानगरों की तर्ज पर अवैध अंडरग्राउंड डांस बार का नेटवर्क भी पैर पसार रहा है।

4. सागर बार हत्याकांड: सरेआम कारोबारी का मर्डर (अप्रैल 2022)
​अपराध की यह दास्तान आज भी जमशेदपुर के लोगों के जेहन में खौफ पैदा कर देती है। 21 अप्रैल 2022 को साकची स्थित सागर बार के भीतर घुसकर कारोबारी जितेंद्र सिंह की उनके प्रतिद्वंद्वियों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। भीड़भाड़ वाले इलाके के बार में घुसकर इस तरह हत्या करना यह दिखाता है कि अपराधियों के मन से कानून व्यवस्था का डर पूरी तरह खत्म हो चुका था। यह शहर के सबसे चर्चित और विवादित मामलों में से एक रहा।

5. सिटी इन होटल बार: पारडीह का वो बदनाम ठिकाना (वर्ष 2023-24)
​एनएच किनारे पारडीह स्थित सिटी इन होटल बार पिछले कुछ सालों में हंगामे और अशांति का पर्याय बन चुका है। साल 2023 से 2024 के बीच यहां कई बार ग्राहकों के बीच शराब पीने के दौरान मामूली विवाद हुए, जो देखते ही देखते फायरिंग और जानलेवा मारपीट में तब्दील हो गए। हर बार स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत और हस्तक्षेप करना पड़ा।

बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?
​इन घटनाओं ने जमशेदपुर के अभिभावकों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। वीकेंड और पार्टियों के नाम पर पबों में परोसी जा रही शराब और वहां का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। क्या बाउंसर सिर्फ दिखावा हैं? बार के अंदर अवैध हथियारों का पहुंचना सुरक्षा जांच पर सवाल खड़े करता है।
​दोषी कौन? रसूखदार बार संचालक जो नियमों को ताक पर रखकर देर रात तक बार चलाते हैं, या वो युवा जो नशे में अपनी सुध-बुध खो बैठते हैं? जमशेदपुर प्रशासन को अब लाइसेंस बांटने के साथ-साथ इन ठिकानों की सख्त मॉनिटरिंग करनी होगी, वरना स्टील सिटी की रातों का यह रेड एलर्ट आने वाले दिनों में कई और परिवारों के चिराग बुझा सकता है।

Share This Article