केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनका त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में नए मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया है और उन्हें दोबारा सदन भेजे जाने की संभावना नहीं बन पाई। इसी वजह से उन्हें केंद्रीय मंत्री पद छोड़ना पड़ा। हाल ही में भाजपा ने राज्यसभा की जिन सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की, उनमें उनका नाम शामिल नहीं था।
जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। वह लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी के ईसाई चेहरे के रूप में उनकी पहचान रही है। वर्ष 2024 में उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था, जिसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली थी।
उनके इस्तीफे के बाद अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि केंद्र सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकती है। माना जा रहा है कि खाली हुए पद पर किसी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है। हालांकि, सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर भी देख रहे हैं।

