हत्या या आत्महत्या? पोड़ाडीह छात्रा मौत मामले में गहराया रहस्य, पुलिस जांच पर उठे सवाल

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के कोवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पोड़ाडीह गांव में 17 वर्षीय छात्रा सोमवारी पुराण की संदिग्ध मौत ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। रविवार को गांव के ही एक पेड़ से सोमवारी का शव मिलने के बाद जहां पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या का मामला मान रही थी, वहीं अब परिजनों और ग्रामीणों के उग्र तेवरों ने इस पूरी घटना को नया मोड़ दे दिया है। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि सोमवारी ने अपनी जीवनलीला समाप्त नहीं की, बल्कि उसकी नृशंस हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को पेड़ से लटकाया गया है।

संदेह के घेरे में सोनू और आखिरी कॉल
घटनास्थल से बरामद एक संदिग्ध पत्र और मृतका के मोबाइल फोन ने इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्र में सोनू का जिक्र: शव के पास से मिले एक पत्र में सोनू नाम के युवक का उल्लेख होने की बात सामने आई है, जिससे प्रेम-प्रसंग या दबाव की आशंका बढ़ गई है।
कॉल डिटेल खंगालने की मांग: परिजनों का सवाल है कि घटना की रात सोमवारी को किसने फोन करके घर से बाहर बुलाया था? ग्रामीणों ने पुलिस से सोमवारी के मोबाइल की विस्तृत कॉल डिटेल रिकॉर्ड जांचने की पुरजोर मांग की है।

सड़कों पर उतरा आक्रोश, उग्र आंदोलन की चेतावनी
पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट ग्रामीणों और परिजनों ने हाथों में मृतका की तस्वीरें लेकर गांव में विरोध मार्च निकाला। ‘सोमवारी को न्याय दो’ के नारों के साथ पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर पुलिस ने सभी पहलुओं को शामिल करते हुए निष्पक्ष जांच नहीं की और दोषियों की गिरफ्तारी में देरी हुई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रधान गोपाल पुराण, सुजीत पुराण, मृतका की मां अनीता पुराण के साथ-साथ स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि—मुखिया दुखनी माई सरदार और हल्दीपोखर की मुखिया देवी कुमारी भूमिज ने किया। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों का इंतजार कर रही है।

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