ऐंटार्कटिका की सैर पर निकले लग्ज़री क्रूज़ शिप ‘MV हॉन्डियस’ में फैले रहस्यमयी वायरस ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। जहाज़ पर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्री बीमार बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि जहाज़ पर फैला संक्रमण खतरनाक ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ हो सकता है, जो चूहों से इंसानों में फैलने के साथ-साथ इंसान से इंसान में भी संक्रमण फैला सकता है।
MV Hondius 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से 147 लोगों को लेकर रवाना हुआ था। इनमें 88 यात्री और बाकी चालक दल के सदस्य थे। जहाज़ पर 23 देशों के लोग सवार थे, जो ऐंटार्कटिका, फॉकलैंड आइलैंड्स, साउथ जॉर्जिया और त्रिस्तान दा कुन्या जैसे दूरदराज़ द्वीपों की यात्रा पर निकले थे।
पहले यात्री की मौत से मचा डर
6 अप्रैल को नेदरलैंड्स के 70 वर्षीय यात्री को तेज बुखार, सिरदर्द और पेट खराब होने की शिकायत हुई। जहाज़ पर मौजूद डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। 11 अप्रैल को सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के बाद उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में क्रूज़ कंपनी ने इसे प्राकृतिक मौत बताया और शव को फ्रीज़र में सुरक्षित रखा गया। लेकिन जहाज़ पर मौजूद यात्रियों के बीच डर और आशंका बढ़ने लगी।
पत्नी की मौत के बाद खुला वायरस का राज
24 अप्रैल को जहाज़ सेंट हेलीना द्वीप पहुंचा, जहां मृतक यात्री का शव और उनकी पत्नी को उतारा गया। अगले दिन उनकी 69 वर्षीय पत्नी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहानेसबर्ग के लिए फ्लाइट पकड़ी, लेकिन उड़ान के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद 26 अप्रैल को उनकी मौत हो गई।
जांच में उनके शरीर में खतरनाक हंटावायरस मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य एजेंसियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि यह वायरस चूहों के मल, मूत्र और लार से फैलता है और गंभीर मामलों में फेफड़ों व किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
इंसान से इंसान में फैलने वाले स्ट्रेन की आशंका
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह सामान्य हंटावायरस नहीं बल्कि ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ हो सकता है, जो दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। माना जा रहा है कि जहाज़ पर मृत दंपति के करीबी संपर्क के कारण संक्रमण फैला हो सकता है।
2 मई को जहाज़ पर जर्मनी के एक यात्री की भी मौत हो गई। इसके बाद जहाज़ पर दहशत फैल गई और कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
बीच रास्ते में उतरे यात्रियों की तलाश
सेंट हेलीना द्वीप पर 30 से 40 यात्री जहाज़ छोड़कर अलग-अलग देशों के लिए रवाना हो गए थे। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, कनाडा, सिंगापुर और नेदरलैंड्स के नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।
अब विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई देशों की एजेंसियां इन यात्रियों को ट्रैक कर रही हैं। स्विट्जरलैंड में एक यात्री हंटावायरस पॉजिटिव पाया गया है, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन में भी कई यात्रियों को निगरानी में रखा गया है।
केप वर्ड ने रोका जहाज़, अब कैनरी आइलैंड्स की ओर रवाना
3 मई को जहाज़ जब केप वर्ड पहुंचा तो वहां के अधिकारियों ने उसे बंदरगाह पर उतरने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद जहाज़ को स्पेन के कैनरी आइलैंड्स की ओर भेज दिया गया, जहां यात्रियों को उतारकर पूरे जहाज़ को सैनिटाइज़ किए जाने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि अब तक 8 मामले सामने आए हैं, जिनमें 5 में हंटावायरस की पुष्टि हो चुकी है जबकि 3 मामले संदिग्ध हैं। तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका में ICU में भर्ती है। जहाज़ पर मौजूद डॉक्टरों के भी बीमार होने की खबर है।
WHO ने कहा- आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि आम लोगों के लिए फिलहाल खतरा बहुत कम है और घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों की निगरानी की जा रही है और कई देशों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

