बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की ओर से अंतिम क्षण में कैंडिडेट बदलना चर्चा का विषय बन गया है। बीजेपी ने पहले अभिषेक बंटी को टिकट दिया था। उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था। हालांकि, अगले दिन प्रेस कांफ्रेंस कर पारिवारिक कारमों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। अभिषेक बंटी की जगह बांकीपुर में पार्टी ने नीरज सिन्हा को मैदान में उतार दिया है। लेकिन नीरज सिन्हा भी अपने बायोडाटा के चलते विवादों में आ गए हैं।
12 साल की उम्र में बीजेपी में शामिल हुए नीरज?
बांकीपुर से बीजेपी के नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के बायोडाटा में उम्र को लेकर हुई गड़बड़ी के बाद विपक्षी दल हमलावर हो गए हैं। नीरज के जारी बायोडाटा में उनकी जन्मतिथि 1994 और बीजेपी जॉइन करने का साल 2006 दर्ज होने से विवाद खड़ा हो गया है। आरजेडी ने नए प्रत्याशी के 12 साल की उम्र में भाजपा की सदस्यता लेने के दावे पर सवाल उठाए हैं।
आरजेडी ने पूछा- क्या खेल चल रहा है?
बीजेपी के नए प्रत्याशी नीरज सिन्हा को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के नेता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि बीजेपी ने नए कैंडिडेट का जो बायोडाटा जारी किया है उसमें उनके जन्म का साल 1994 है। इसके बाद यह बताया गया है कि उन्होंने बीजेपी साल 2006 में जॉइन कर ली थी। यानी वह केवल 12 वर्ष के बच्चे थे, जब बीजेपी ने उन्हें अपना सदस्य बना लिया। आरजेडी का सवाल है कि यह क्या खेल चल रहा है?
बैकफुट पर बीजेपी- मृत्युंजय तिवारी
मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा मतदान से पहले ही राजनीतिक रूप से बैकफुट पर आ गई है। उन्होंने कहा कि पहले घोषित उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया, जो अपने आप में असाधारण घटना है। अब नए उम्मीदवार के दस्तावेजों पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरजेडी नेता ने कहा कि यह भाजपा के भीतर की खींचतान का परिणाम है और पार्टी को मजबूत उम्मीदवार तक नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा।

