डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: झारखंड की सियासत में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ने वाली है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन शाम को नतीजे भी आ जाएंगे। इस बार का चुनाव झारखंड के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि एक तरफ जहां झामुमो के कद्दावर नेता और दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट को बचाने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
1 जून से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया, जानें पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पूरी चुनावी प्रक्रिया 20 जून तक संपन्न कर ली जाएगी। इसकी शुरुआत 1 जून 2026 को चुनाव की अधिसूचना जारी होने और नामांकन शुरू होने के साथ होगी। प्रत्याशी 8 जून तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी, जबकि उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। सबसे मुख्य दिन 18 जून का होगा, जब सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे और इसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती भी शुरू हो जाएगी।
क्यों खास है इस बार का मुकाबला?
इस चुनाव में झारखंड की दोनों प्रमुख राजनीतिक धुरी (सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष) के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती है। पिछले वर्ष 4 अगस्त 2025 को दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के बाद से एक सीट खाली है। झामुमो के लिए यह सीट सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा के वरिष्ठ नेता दीपक प्रकाश का 6 वर्ष का कार्यकाल आगामी 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इस सीट पर दोबारा कब्जा बनाए रखना भाजपा के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
सस्पेंस बरकरार: किसी दल ने नहीं खोले पत्ते
तारीखों के एलान के बाद भी झारखंड के सियासी गलियारों में अभी सस्पेंस बना हुआ है। फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवारों के नाम का खुलासा नहीं किया है। यहां तक कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी अभी तक इस विषय पर औपचारिक सहमति बनाने की कोशिशें शुरू नहीं हुई हैं। हालांकि पर्दे के पीछे रणनीतियों और गुणा-भाग का दौर तेज हो गया है।
कैसे होगा चुनाव?
यह मतदान झारखंड विधानसभा परिसर में होगा। विधानसभा के प्रभारी सचिव इस चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी होंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की सीधी निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी, जिसमें झारखंड विधानसभा के सभी निर्वाचित विधायक वोट डालेंगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के हिसाब से कौन सा दल बाजी मारता है और दिल्ली के उच्च सदन में झारखंड की आवाज बनने के लिए पार्टियां किन नए या पुराने चेहरों पर दांव लगाती हैं।

