नालंदा के परासी मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। नूरसराय थाना क्षेत्र स्थित स्कूल में खाना खाने के कुछ देर बाद करीब 40 छात्रों को पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद बीमार बच्चों को इलाज के लिए बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप लगाया गया कि सब्जी में नमक की जगह सर्फ डाल दिया गया था, हालांकि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस दावे को खारिज किया है।
खाने के बाद बच्चों की हालत बिगड़ने से स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों के अनुसार, भोजन करने के कुछ ही समय बाद उन्हें पेट में दर्द और चक्कर महसूस होने लगा। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को पहले राजकीय दंत चिकित्सा कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल में कुल 130 बच्चे हैं, जिनमें करीब 75 बच्चों ने भोजन किया था और लगभग 40 बच्चे अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंचने लगे और वहां हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह भी अस्पताल पहुंचे। वहीं, एसडीओ किसलय श्रीवास्तव ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मिड-डे मील में सर्फ मिलाने के आरोप पर शिक्षा विभाग ने अलग जानकारी दी है। नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने भोजन में सर्फ मिलाए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच में अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। डीईओ ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

