डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा में उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसंधान और विकास प्रकोष्ठ की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी पाठ्यक्रमों में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के नामांकन की प्रक्रिया आगामी 22 जून 2026 से शुरू होने जा रही है।
30 से अधिक JRF धारक बदलेंगे कैंपस का मिजाज
इस साल की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी अकादमिक उपलब्धि बनकर उभरी है। कड़े एंट्रेंस टेस्ट और इंटरव्यू के बाद कुल 89 मेधावी शोधार्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया है। बेहद उत्साहजनक बात यह है कि इन 89 छात्रों में से 30 से अधिक अभ्यर्थी ‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप’ धारक हैं। राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप प्राप्त इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का यहां आना यह साफ बताता है कि कोल्हान विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार बड़ा सुधार हो रहा है।
7 जुलाई तक होगा एडमिशन, ₹10,000 शुल्क निर्धारित
सभी सफल अभ्यर्थियों को 7 जुलाई 2026 तक अपने संबंधित स्नातकोत्तर विभागों में जाकर अपना एडमिशन कन्फर्म कराना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पीएचडी नामांकन के लिए 10,000 रुपये का एकमुश्त शुल्क तय किया गया है। प्रशासन ने अपील की है कि छात्र अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। विस्तृत चयन सूची यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।
शोध से समाज और राष्ट्र का विकास मुमकिन-कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता
इस गौरवपूर्ण अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने सभी नव-चयनित शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
एक उत्कृष्ट शोध कार्य ही किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक शैक्षणिक पहचान का सबसे मजबूत आधार होता है। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे ये शोधार्थी अपने उच्च स्तरीय रिसर्च के माध्यम से कोल्हान क्षेत्र, समाज और पूरे राष्ट्र के समग्र विकास में ऐतिहासिक योगदान देंगे। जेआरएफ धारकों की यह रिकॉर्ड संख्या हमारी शोध संस्कृति को एक नई और सकारात्मक दिशा देगी। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने और छात्रों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल देने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत है।

