11 दिन से जारी छात्र आंदोलन का हवाला देकर सरकार से भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच और लंबित मांगों पर फैसला लेने की मांग
रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी गंभीरता साबित करने के लिए “सीना चीरकर” दिखाने की जरूरत नहीं है, बल्कि छात्रों की लंबित मांगों को पूरा करके दिखाना चाहिए।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि पिछले 11 दिनों से हजारों छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ है तो छात्रों की मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाए।
भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार जिस काम को हाथ में लेती है, उसे पूरा करके ही दम लेती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़ाईक ने कहा कि यदि ऐसा है तो सरकार को सबसे पहले जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि वर्ष 2019 के बाद हुई जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाए, 14वीं जेपीएससी मामले में दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो तथा उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले युवाओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि छात्रों के धैर्य की नहीं, बल्कि सरकार की नीयत की परीक्षा हो रही है और राज्य सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेना चाहिए।

