जमशेदपुर।
जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के विधायक प्रतिनिधि (व्यवसायी मामलों) आकाश शाह ने कोलहान डीआइजी को पत्र लिखकर लगभग एक माह से लापता कांड्रा के युवा व्यवसायी मनीष अग्रवाल के तलाश में हुई प्रशासनिक जाँच की समीक्षा करने और उसकी तलाश के लिए अन्य राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से पत्रचार कर खोजबीन अभियान को तेज करने का आग्रह किया है। आकाश शाह के द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है की सरायकेला खरसावाँ जिला के कांड्रा के रहने वाले श्री देबु अग्रवाल के सुपुत्र 29 वर्षीय युवा व्यवसायी व चार्टर्ड एकाउंटें प्रैकटिश्नर मनीष अग्रवाल दिनांक 23 सितम्बर संध्या 04:00 बजे से अपने घर से लापता है. मनीष अग्रवाल अपने घर से दंत चिकित्सक से मिलने की बात कहकर निकले थे लेकिन संध्या तक उनसे किसी का कोई संपर्क नहीं हो पाया था. मनीष के परिजनों ने दिनांक 24/09/2021 को कांड्रा थाना में PS Case No. 60/21 को आइपीसी की धारा 363 के तहत मनीष के लापता होने का मामला दर्ज कराया था. तंदुपरांत मनीष के खोज-बीन के लिए प्रशासन अमला सक्रिय हुआ और चहुंओर मनीष की तलाश शुरू हुई. इस दौरान साइबर सेल के द्वारा आस पास का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया. जिसमें 23 सितम्बर की फुटेज में मनीष को उनके घर के पास एवं टीवीएस सर्विस सेन्टर आदित्यपुर पास देखा जा रहा है. मनीष कि तलाश के लिए रेलवे स्टेशन, नदी, डैम सहीत अन्य स्थानों पर सघन जाँच अभियान चलाया गया किंतु कोई सुराग हाथ नहीं लगा. जाँच अभियान को गति देने के लिए व्यवसायीक संगठनों की मांग पर सरायकेला एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी भी गठित की गई लेकिन वे भी मनीष के बारे में पता लगाने में असफल रहे. पानी में डूब जाने अथवा बह जाने की आशंका को लेकर डैम, नदियों में सघन जाँच की गई, पाँच दिनों तक लगातार एनडीआरएफ की टीम ने नदियों में अभियान चलाकर मनीष की खोज की लेकिन उन्हें भी निराशा हाथ लगी. मनीष के लापता हुए आज 25 दिन से अधिक हो गए लेकिन दुर्भाग्य की बात है कहीं से भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा. यहाँ परिवार के एक लौते पुत्र का यूँ दीनदहाड़े गुम हो जाने से हाल बेहाल हैं और पुरे घर में मातम पसरा हुआ है साथ ही एक साधारण युवा व्यवसायी का इस तरह दिन के प्रहर में गायब हो जाना अकल्पनीय और अदभुत सा सुनाई देता है. व्यवसायों के बीच रोष के साथ साथ चिंता और आशंका का माहौल हैं की कहीं निकट भविष्य में इस तरह की घटना उनके परिजनों के साथ नहीं घट जाए. साथ ही आज के युग में एडवांस टेक्नोलोजी और आईटी से परिपूर्ण पुलिस प्रशासन की योग्यता पर भी लोगों का विश्वास डगमगाता नजर आ रहा है. गौरतलब है कि मनीष ने आखिरी बार वाहटसप में ऑनलाइन 23 सितम्बर को संध्या 04:46 बजे तक देखा गया था और वे अक्सर वाहटसप के माध्यम से ही लोगों से संपर्क किया करते थे लेकिन प्रशासन की टीम वाहटसप के डिटेल्स को निकलवा पाने में असमर्थ रही है जिससे उनकी खोज का एक महत्वपूर्ण जरिया भी हाथ से छूट गया. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने डीआइजी से विशेष आग्रह किया है कि वे इस मामले में स्वयं संज्ञान लें और जिला प्रशासन से आज तक की पुरी जाँच प्रकिया का अद्यतन प्रतिवेदन प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दें एवं शहर से सीधे रेल मार्ग, सड़क मार्च से जुड़ने वाले राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से मनीष अग्रवाल के खोज-बीन करने के लिए पत्रचार करें. एक व्यवसायी के गायब हो जाने से पुरे कोलहान के व्यापारियों में हताशा और निराशा का माहौल हैं . आपका एक सार्थक प्रयास शायद मनीष अग्रवाल की सकुशल घर वापसी का कारण बन सकता हैं।

