डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: चक्रधरपुर रेल मंडल के राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में जो कुछ भी हुआ, उसने न केवल इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि कई अनसुलझे सवाल भी खड़े कर दिए हैं। एक मां ने अपने ही डेढ़ महीने के दुधमुंहे बच्चे को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला मुद्रावती गोप और उसके पति शाहबुद्दीन को हिरासत में ले लिया है। लेकिन शुरुआती जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस खौफनाक कदम के पीछे एक गहरे मानसिक तनाव और पुलिसिया दबाव की कहानी सामने आ रही है।
क्या पुलिस का बढ़ता दबाव बनी इस वारदात की वजह?
यह मामला महज एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि चार साल पुराने एक जटिल प्रेम-प्रसंग और कानूनी विवाद से जुड़ा हुआ है।
4 साल पुराना विवाद: आरोपी शाहबुद्दीन पश्चिम बंगाल निवासी करीब चार साल पहले झारखंड के मझगांव की रहने वाली मुद्रावती को अपने साथ ले गया था। दोनों ने शादी कर ली थी और उनके दो बच्चे भी हुए।
अपहरण का केस: लड़की के परिजनों की शिकायत पर मझगांव थाने में अपहरण और जबरन शादी का मामला दर्ज था।
घर वापसी का तनाव: सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय से मझगांव पुलिस का दबाव शाहबुद्दीन पर लगातार बढ़ रहा था। इसी दबाव के कारण वह डरकर अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ वापस मझगांव झारखंड लौट रहा था।
आशंका जताई जा रही है कि कानूनी कार्रवाई के इसी डर और सामाजिक बदनामी के तनाव ने महिला के मानसिक संतुलन को इस कदर प्रभावित किया कि उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
सहयात्रियों की सूझबूझ से बची दूसरे बच्चे की जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन में अचानक चीख-पुकार मच गई जब महिला ने अपने डेढ़ महीने के बच्चे को खिड़की से बाहर उछाल दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला अपने दूसरे (करीब तीन साल के) बच्चे को भी फेंकने की कोशिश करने लगी। यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को बचाया और आरोपी दंपत्ति को पकड़कर रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया। बाद में रेल पटरी के किनारे से मासूम का शव बरामद किया गया।
आरपीएफ और जीआरपी खंगाल रही है सच
फिलहाल आरपीएफ और जीआरपी (जीआरपीएस) की संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
मानसिक स्थिति का आकलन: क्या महिला किसी गंभीर अवसाद या मानसिक तनाव से गुजर रही थी?
पारिवारिक कलह: क्या ट्रेन के भीतर पति-पत्नी के बीच मझगांव लौटने को लेकर कोई विवाद या झगड़ा हुआ था?
पति की भूमिका: इस पूरे घटनाक्रम में पति शाहबुद्दीन की क्या भूमिका थी, क्या उसने महिला को उकसाया था?
मझगांव थाना पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि उस पुराने केस की स्थिति और दंपत्ति पर बनाए जा रहे दबाव के दावों की पुष्टि की जा सके। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही इस दिल दहला देने वाले कदम की असली वजह साफ हो पाएगी।

