डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन अचानक एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने समाहरणालय स्थित विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी। डीसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

इन विभागों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रमुख शाखाओं की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा:
सामाजिक सुरक्षा व बाल संरक्षण इकाई
राजस्व, नजारत व सामान्य शाखा
डीआईओ व यूआईडी कार्यालय
निरीक्षण के मुख्य बिंदु: कहां रहा जोर?
उपायुक्त ने न केवल फाइलों की स्थिति देखी, बल्कि कार्यालय के अनुशासन पर भी कड़ा रुख अपनाया।
मुख्य निर्देश
बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शत-प्रतिशत बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी। समय की पाबंदी को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
फाइलों का अपडेशन: पुराने अभिलेखों को सुव्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जानकारी मिल सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही: सेवा वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया, जिससे आम नागरिकों का काम बिना किसी अनावश्यक देरी के हो सके।
साफ-सफाई: कार्यालय परिसर और कार्यक्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सभी कार्यालय प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि प्रशासनिक कार्यो में दक्षता, अनुशासन और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा हो और उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
इस औचक निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मुख्य रूप से संतोष गर्ग (अपर उपायुक्त सह निदेशक एनईपी), धनंजय (गोपनीय प्रभारी), डेविड बलिहार (एनडीसी) शामिल रहे।


