आमरण अनशन करने को बाध्य हुए झारखंड राज्य के शिक्षक : CM हेमंत सोरेन के समक्ष 5 अगस्त से करेंगे शुरुआत

KK Sagar
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झारखंड के शिक्षक प्रोन्नति, स्थानांतरण, एम ए सी पी, वेतन विसंगति सहित अन्य लंबित मांगो को लेकर अब आर पार के मूड में है। बता दें कि झारखंड सरकार द्वारा इन मांगो को अमलीजामा नहीं पहनाए जाने के कारण शिक्षकों में काफी नाराजगी है। इसलिए अब शिक्षक आमरण अनशन करने को बाध्य हो गए हैं।

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में आमरण अनशन का निर्णय

इस सन्दर्भ में रविवार को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्यकार्यकारिणी की रांची में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के शिक्षकों के लिए सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना (एम ए सी पी) लागू करने, स्नातक प्रशिक्षित और प्रधानाध्यापक के पदों पर प्रोन्नति देने, छठे वेतनमान की विसंगति दूर करना, अंतर जिला स्थानांतरण में गृह जिला में स्थानांतरण का विकल्प देने, स्वास्थ्य बीमा लागू करने, राज्यकर्मियों के लिए सभी स्थानों पर परिवहन भत्ता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष पांच अगस्त से आमरण अनशन करेंगे।

बिहार की भांति राज्य के शिक्षकों को M.A.C.P का लाभ देने का आश्वासन आज भी लंबित

वहीं संघ ने कहा है कि बिहार की भांति राज्य के शिक्षकों को M.A.C.P का लाभ देने का आश्वासन 2022 में ही मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षकों को दिया गया था, लेकिन आज तक इस पर निर्णय नहीं लिया। सरकार ने शिक्षकों की प्रोन्नति को कोर्ट के हवाले करके शिक्षा विभाग, शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशानी में डाले हुए है, साथ ही 2016 से पूर्व के नियुक्त शिक्षकों को उनके वरीयता का लाभ अब तक नहीं मिल पा रहा और स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक के चालीस प्रतिशत पद तथा प्रधानाध्यापकों के 97 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हुए हैं।

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छठे वेतनमान की विसंगति दूर करने में शिक्षकों के साथ भेद भाव

कैबिनेट से निर्णय होने के बाद भी राज्यकर्मियों को अब तक स्वास्थ बीमा लागू नहीं किया जा सका है, छठे वेतनमान की विसंगति दूर करने में शिक्षकों के साथ भेद भाव रखते हुए सचिवालय सहायकों को इसका निदान कर दिया गया लेकिन शिक्षकों का मामला अब तक लंबित है।

बैठक में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी, महासचिव राम मूर्ति ठाकुर, संगठन महामंत्री  असादुल्लाह, प्रवक्ता नसीम अहमद, दीपक दत्ता, हरे कृष्ण चौधरी, अजय कुमार सिंह, राकेश कुमार, सलीम सहाय तिग्गा, विभूति कुमार, प्रवीण कुमार, श्रीकांत सिन्हा, शंभू शर्मा, संजय कंडुलना,सुरजन,प्रेम कुमार शर्मा, उदय कुमार सिंहा,सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक प्रतिनिधि शामिल थे।

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