डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: चाईबासा पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये अपराधी इतने बेखौफ थे कि रात के अंधेरे में बुलेट से गांव-गांव घूमते थे और घरों में घुसकर सोते हुए लोगों के मोबाइल पार कर देते थे। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के 7 मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है।
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बुलेट पर सवार तीन युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहे हैं। ये लोग रात में चोरी करते हैं और दिन में उन्हें सस्ते दामों पर बेच देते हैं। सूचना मिलते ही एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गितिलिपी मोड़ के पास घेराबंदी की और बुलेट सवार तीनों संदिग्धों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अमन निषाद (बुलेट चालक), सुरेंद्र सुण्डी, हिमांशु पिंगुवा के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मुख्य आरोपी अमन निषाद का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह महज 25 मार्च 2026 को ही जेल से छूटकर बाहर आया था और बाहर आते ही फिर से वारदातों को अंजाम देने लगा। हिमांशु पिंगुवा भी पहले कई मामलों में संलिप्त रहा है।
झीकपानी में दी थी वारदात को अंजाम
आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद किए गए 7 मोबाइल उन्होंने दो दिन पहले ही झीकपानी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर और इचापुर गांव से चुराए थे। वे रात के समय घरों में घुसकर मोबाइल चोरी करते थे।
छापेमारी टीम में ये रहे शामिल
इस सफल अभियान में मुख्य रूप से शामिल थे बहामन टूटी (SDPO, सदर चाईबासा), विनोद कुमार (थाना प्रभारी, मुफ्फसिल), नरहरि सिंह मुण्डा व मुफ्फसिल थाना के रिजर्व गार्ड।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और चोरी के मोबाइल खरीदने वालों का पता लगा रही है।

