JSSC CGL परीक्षा रद्द, लेकिन आंदोलन जारी! छात्रों ने कहा- CBI जांच के बिना नहीं हटेंगे

Reena Sharma
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झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को सरकार ने बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के साथ TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रिया को रद्द करने की घोषणा की है। छात्रों की मांगों के बीच सरकार के इस फैसले को आंदोलन की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। आंदोलनरत अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराना शामिल था। सरकार और छात्रों के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन लंबे समय तक गतिरोध बना रहा।

TDPL से जुड़ी परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया पर भी फैसला

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही इन परीक्षाओं के परिणाम और उनसे जुड़ी चयन प्रक्रिया पर भी सरकार ने कार्रवाई का फैसला लिया है। इससे TDPL के माध्यम से हुई विभिन्न भर्तियों पर भी इसका असर पड़ेगा।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में होगी जांच

सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की व्यापक जांच की घोषणा भी की गई है।

बातचीत के बाद निकला समाधान

JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी था। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। सरकार की ओर से पहले भी मामले की जांच की बात कही गई थी, लेकिन परीक्षा रद्द करने के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पा रही थी।

परीक्षा रद्द, फिर भी जारी रहेगा छात्रों का आंदोलन; CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र

सरकार के इस फैसले से छात्रों में उत्साह जरूर है, लेकिन आंदोलन कर रहे छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि उनकी सभी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। वे पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों के मुताबिक, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की पूरी सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के लिए CBI जांच जरूरी है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी यह प्रमुख मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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