डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के महानायक और राज्य की अस्मिता के प्रतीक शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर शनिवार को जमशेदपुर का कदमा उलियान स्थित समाधि स्थल जनसैलाब और पारंपरिक धुनों से गुंजायमान हो उठा। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर निकले जुलूस के साथ सैकड़ों लोग शहीद निर्मल महतो की समाधि पर पहुंचे और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम हेमंत सोरेन ने किया नमन, अमर रहे के नारों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समाधि स्थल पहुंचकर शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया। इस अवसर पर पूरा परिसर ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, निर्मल महतो का नाम रहेगा’ और ‘शहीद निर्मल महतो अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा।
वीरों की कुर्बानी से बना है झारखंड–मुख्यमंत्री
श्रद्धांजलि देने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास, संघर्ष और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर बात की। सीएम ने कहा कि झारखंड वीरों और शूरवीरों की पवित्र धरती है। एक अलग झारखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए हमारे अनेक वीर आंदोलनकारियों ने अपना खून-पसीना बहाया है। शहीद निर्मल महतो का यह अद्वितीय बलिदान झारखंड के इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगा। जब तक यह सृष्टि रहेगी, उनका योगदान हर झारखंडी के दिल में जीवित रहेगा।
राज्य के विकास और संकल्प पर जोर
समारोह में उपस्थित सैकड़ों लोगों और आंदोलनकारियों ने शहीद निर्मल महतो के पदचिह्नों और उनके उच्च आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। उपस्थित जनसमूह ने उनके संघर्षों को याद करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और अधिकार संपन्न झारखंड बनाने की बात दोहराई।

