डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: नीमडीह प्रखंड क्षेत्र में चल रहे सैकड़ों अवैध महुआ शराब चुलाई भट्टियों के करोबार और प्रशासन के मौन से कई सवाल उठ रहें है। गांवों में अवैध शराब भट्टियों का कारोबार एक समस्या बन गया है, सामाजिक माहौल खराब होने के साथ लोगों की सेहत भी खराब हो रही है।
एक तरफ प्रशासन नशा के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है, दूसरे तरफ नीमडीह थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव की गलियां इन दिनों अवैध महुआ शराब की दुर्गंध से महकने लगी है। इन गांवों में अवैध महुआ शराब चुलाई ने कुटीर उद्योग का रूप धारण किया है और प्रतिदिन हजारों लीटर महुआ शराब नीमडीह, चांडिल व तिरूलडीह थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचाया जाता है। कम कीमत पर मिलने के कारण मजदुर और युवा वर्ग महुआ शराब की लत से जकड़कर मौत को करीब बुला रहे हैं। अनेक लोग अकाल मृत्यु के शिकार भी होते हैं और परिवार को दुःख की दरिया में डाल देते हैं।
गांव में फैलती है अशांति
बताया गया कि कई कारोबारी अवैध शराब से जमकर कमाई करते है। इधर ग्रामीणों को धीमा जहर परोस कर शराब कारोबारी करोड़पति बन रहा है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि महुआ शराब से सबसे ज्यादा विपरीत असर युवा पीढ़ी पर पढ़ रहा है। शराब के लत से युवा वर्ग नशा के दलदल में धंसते चले जा रहे हैं और अपने साथ परिवार के सपनों को चकनाचूर कर रहे हैं। शराब के लत लगने वाले लोगों के परिवार में रोजाना कलह होना आम बात है।
पुलिस से बेखौफ है शराब व्यापारी
अवैध महुआ शराब कारोबारियों को पुलिस का खौफ नहीं है। अहले सुबह चार बजे से पूरे दिन नीमडीह, चांडिल वा तिरूलडीह थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मोटरसाईकिल से शराब पहुंचाया जाता है। बताया गया कि घर में और गांव के बाहर शराब चुलाई को फैक्ट्री का रूप दिया गया है। जहां दिन रात शराब चुलाई का काम किया जाता है।
जनप्रतिनिधि उठा रहें है सवाल
लाकड़ी पंचायत के उपमुखिया नारायण गोप ने आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा कि नीमडीह प्रखंड में सैकड़ों अवैध दारू चुलाई भट्टियों का कारोबार उनके संरक्षण में चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नीमडीह में अवैध दारू कारोबारियों से पैसा वसूला जाता है और किसी के ऊपर कोई कारवाई नहीं करते हैं।

