मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा लगातार जारी है। इस बीच खबर मिल रही है कि मई के पहले हफ्ते में कैबिनेट विस्तार संभव है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी निजरें
बिहार में 15 अप्रैल को बीजेपी नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार बनी थी। सरकार बनने के बाद अब सबकी निगाहें मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं। सरकार गठन के कई दिन बाद भी विस्तार नहीं हो सका है। फिलहाल सरकार का कामकाज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेडीयू से डिप्टी सीएम बने विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव संभाल रहे हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों तक इंतजार
माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद कोई शुभ मुहूर्त वाले दिन बीजेपी मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। दरअसल, अभी एनडीए के शीर्ष नेता बंगाल सहित पांच राज्यों की चुनावी व्यस्तताओं में लगे हुए हैं।
29 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक पर टिकी नजरें
संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर एनडीए के विधायकों की नजरें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हुई हैं। अंदरखाने मंथन जारी है और जल्द ही नई टीम की तस्वीर साफ हो सकती है। 29 अप्रैल को कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित होने जा रही है। बैठक के बाद शाम 5 बजे होगी, ब्रीफिंग होगी। कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही इस बैठक के बाद लगभग तय हो जाएगा कि कौन-कौन सम्राट चौधरी के नए मंत्रिमंडल में शामिल हो सकता है।
नई टीम का खाका लगभग तैयार
सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी की नई टीम का खाका लगभग तैयार है। इस बार भाजपा नए चेहरों पर दांव लगाने के साथ-साथ पुराने दिग्गजों को भी उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए जगह देगी। सीएम बनने के बाद सम्राट चौधरी के बयानों को देखें तो पता चलता है कि उनका खास फोकस युवाओं और महिलाओं पर है। ऐसे में कैबिनेट में युवा चेहरों को भी जगह मिल सकती है। सूत्र बताते हैं कि नई सरकार में ‘लव-कुश’ समीकरण के अलावा भी एनडीए के नेता जातीय संतुलन बनाने पर मंथन कर रहे हैं।

