WHO ने इबोला को घोषित किया अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने कांगो-युगांडा-साउथ सूडान यात्रा से बचने की जारी की एडवाइजरी

KK Sagar
2 Min Read

अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस को लेकर भारत सरकार ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को इन देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इबोला रोग के मौजूदा प्रकोप को “अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” घोषित किया है। यह घोषणा अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR) 2005 के तहत 17 मई को की गई। वहीं अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने भी इसे “महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” करार दिया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कांगो और युगांडा में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है। इस वायरस से संक्रमित मरीजों में गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार के लक्षण देखे जाते हैं और इसकी मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है।

डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन समिति ने 22 मई को अस्थायी दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले बुखार पीड़ित यात्रियों की सख्त निगरानी, जांच और रिपोर्टिंग की सलाह दी है। साथ ही संक्रमण वाले इलाकों की यात्रा से बचने की भी अपील की गई है।

भारत सरकार ने कहा है कि फिलहाल देश में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर एडवाइजरी जारी की गई है। सरकार ने इन देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों से स्थानीय स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....