डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : कला और साहित्य किसी पद या पेशे के मोहताज नहीं होते—इसकी एक मिसाल पेश की है जिला भू-अर्जन कार्यालय में कार्यरत बोधा मुंडा ने। उनकी रचित मुंडारी-हिंदी द्विभाषी गीत-संग्रह पुस्तक ‘ओमोन- मुंडारी साइती पुथी’ का विमोचन समाहरणालय में उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा किया गया। इस विशेष अवसर पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अपर उपायुक्त व अन्य कार्यालय कर्मी मौजूद रहे। अपर उपायुक्त ने पुस्तक की प्रति प्राप्त कर बोधा मुंडा की इस अनूठी साहित्यिक उपलब्धि की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए बधाई दी।
स्थानीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण में ऐसे प्रयास बेहद प्रेरणादायी
पुस्तक का अनावरण करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने बोधा मुंडा के इस प्रयास को खूब सराहा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं और जनजातीय संस्कृति को जीवंत रखने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में इस तरह के साहित्यिक कार्य मील का पत्थर साबित होते हैं।
साकची स्थित ‘डीएम लाइब्रेरी’ में भी मिलेगी यह पुस्तक
मुंडारी साहित्य और स्थानीय संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि ‘ओमोन- मुंडारी साइती पुथी’ जल्द ही साकची स्थित ‘डीएम लाइब्रेरी’ (अधिसूचित क्षेत्र समिति, जमशेदपुर द्वारा संचालित) में उपलब्ध होगी। यह द्विभाषी गीत-संग्रह न केवल मुंडारी भाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।

