December 7, 2022

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सुरक्षा मानक के नियमों की ऐसी की तैसी कर बीसीसीएल अधिकारियों की पत्नियों ने कुसुंडा क्षेत्र के ऐना कोलियरी में शावेल मशीन पर किया ‘कैट’वाक

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मिरर मीडिया : कोयला नगरी धनबाद जहां हर दिन करीब हजारों टन कोयले का उत्पादन होता है। भूधंसान प्रभावित क्षेत्रों में जमीन धसने की भी घटनाएं आम होती हैं। जानमाल का भी नुकसान होता है। हाल ही में कापासारा में हुए भूधंसान इसका ताजा उदाहरण है।

कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई BCCL भी समय-समय पर लोगों को भूधंसान क्षेत्र से हटने और सजग रहने की चेतावनी देती रहती है। मगर सारे नियम कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है। अधिकारियों के लिए ये नियम सिर्फ मजाक तभी तो पिछले दिनों देखने एक मामला देखने को मिला जहां बीसीसीएल अधिकारियों की पत्नियां एक जगह एकत्रित होकर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर शावेल मशीन के उपर चढ़ गईं। सिर्फ इसी से बात नहीं बनी तो शावेल मशीन के उपरी तल पर चढ़कर विभिन्न पोज में फोटोग्राफी भी कराई यहां तक कि कोयले की खुदाई करने वाले खांचे में भी खड़ी हो गईं।

कुछ अधिकारियों की पत्नियां उपर चढ़ते हुए डर भी रही थी हालंकि निचे खड़े बीसीसीएल कर्मियों ने उनका साहस बढ़ाते हुए यह भी कह दिया अरे मैडम, चढ़िए न चक्कर आएगा तो हम धर लेंगे। डरिए मत, आराम से चढ़िए। इसके बाद तो शावेल मशीन पर पोज पर पोज देकर फोटो के साथ-साथ वीडियो भी बनाया। बस इसी में से कई वीडियो और फोटो वायरल होकर चर्चा में आ गया। यह पूरा मामला कुसुंडा क्षेत्र के ऐना कोलियरी का है। जानकारी के अनुसार बीसीसीएल महिला मंडल की लगभग एक दर्जन सदस्य भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत यहां पहुंची थी। यह कार्यक्रम को सार्वजनिक नहीं किया गया था।

बहरहाल बीसीसीएल और इसीएल की खदानों की स्थिति जगजाहिर है। आए दिन यहां भूधंसान की घटनाएं होती रहती हैं। बीसीसीएल कोलियरी में यदि ऐसा हादसा होता तो बचाना मुश्किल हो जाता। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े बयां करते हैं कि बीसीसीएल कोलियरी में हुई भूधंसान घटनाओं में अधिकतर जानें नहीं बचाई जा सकी हैं।

कोल माइन रेग्यूलेशन- 2017 (सीएमआर) में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पर्सपनल प्रोटेक्टिव एक्यूपमेंट) का उल्लेख है। इसके तहत खदान में कार्य अथवा भ्रमण के दौरान हेलमेट और सेफ्टी बूट का धारण करना अनिवार्य है। ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड माइंस, दोनों के लिए नियम बने हुए हैं। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण धरण करवाने की जवाबदारी खान प्रबंधक और सुरक्षा अधिकारी की होती है। भ्रमण पर खदान पहुंची किसी भी महिला ने हेलमेट धारण नहीं किया था।

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