डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: जब जागरूकता की रैलियां और समझाइश बेअसर रही, तो मानपुर की महिलाओं ने अब सीधे पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। गांव में पैर पसारते अवैध शराब और हड़िया के कारोबार के खिलाफ महिलाओं ने ग्राम प्रधान गोपाल चंद्र मुर्मू के नेतृत्व में पोटका थाना पहुंचकर शराबबंदी मोर्चा खोल दिया है।
जो करना है कर लो, हम तो बेचेंगे–माफियाओं की खुली चुनौती
महिलाओं ने पुलिस को बताया कि गांव में नशा बेचने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब सीधे धमकी पर उतर आए हैं। कुछ दिन पूर्व जब महिलाओं ने गांव में जागरूकता रैली निकाली और घर-घर जाकर लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया, तो शराब विक्रेताओं ने उन्हें यह कहकर ललकारा कि जो करना है कर लो, हम शराब और हड़िया बेचना बंद नहीं करेंगे।
घर की चौखट से अब थाने की दहलीज तक
महिलाओं का यह आक्रोश केवल नशाखोरी के खिलाफ नहीं, बल्कि उस घरेलू हिंसा के खिलाफ भी है जो शराब की वजह से उनके घरों को बर्बाद कर रही है। सुहागी मुर्मू और पद्मावती भकत ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पुरुष शराब पीकर घर आते हैं और महिलाओं-बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। शराब की अवैध दुकानों के कारण गांव का सामाजिक ढांचा बिगड़ चुका है और बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी ही होगी, अन्यथा यह आंदोलन और उग्र होगा।

