रामगढ़ – राजहंस पेट्रोल पंप पर श्रमिकों का फूटा गुस्सा, आर्थिक शोषण और अवैध बर्खास्तगी के आरोप; DC से कार्रवाई की मांग

KK Sagar
2 Min Read

रामगढ़: रामगढ़ कोर्ट के समीप कोठार स्थित राजहंस फ्यूल्स (राजहंस पेट्रोल पंप) के 13 वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर आर्थिक शोषण, श्रम कानूनों के उल्लंघन और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सभी श्रमिकों ने संयुक्त रूप से रामगढ़ के उपायुक्त (DC) एवं श्रम अधीक्षक को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन में विजय कुमार, मुन्तजिर आलम, अभिषेक कुमार ठाकुर, अमित कुमार महतो, गौतम कुमार साव, सजाद अंसारी, सूरज कुमार, बासुदेव राम, लालजी मुंडा, बालकृष्ण सिंह, छोटेलाल महतो, शिवचरण कुमार और नरेश कुमार ने बताया कि वे कई वर्षों तक कोठार स्थित राजहंस पेट्रोल पंप में कार्यरत रहे। उनका आरोप है कि लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उन्हें श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।

श्रमिकों का कहना है कि उन्हें वास्तविक भुगतान से कम वेतन दिया जाता था, जबकि वेतन रजिस्टर और भुगतान रसीदों पर अधिक राशि प्राप्त होने का दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराए जाते थे। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित आदेश या वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए नौकरी से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, उनसे कंपनी की यूनिफॉर्म भी वापस ले ली गई।

श्रमिकों ने यह भी दावा किया है कि अपने अधिकारों और वास्तविक वेतन की मांग उठाने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी गईं। आवेदन के अनुसार, शिवचरण कुमार और नरेश कुमार को प्रबंधन ने नौकरी से भी हटा दिया है।

पीड़ित कर्मचारियों ने उपायुक्त एवं श्रम अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, श्रम कानूनों के तहत दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और प्रभावित कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग की है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....