डाक के जरिए किंगफिशर पक्षी का पंख चीन भेजने की कोशिश, आरोपित युवक गिरफ्तार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बारुईपुर डाकघर के जरिए दुर्लभ किंगफिशर पक्षी के पंखों को चीन भेजने की कोशिश कर रहे एक युवक को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित ने बेहद शातिराना तरीके से इन पंखों को साड़ियों की तह के बीच छिपा रखा था।

ऐसे पकड़ा गया आरोपित

​गिरफ्तार युवक की पहचान मिनातुल्लाह नेगाबान के रूप में हुई है, जो दक्षिण 24 परगना के ढोलहाट का निवासी है। घटना का घटनाक्रम कुछ इस तरह रहा।

संदेह: आरोपित बड़े-बड़े पैकेट लेकर बारुईपुर डाकघर पहुंचा और उन्हें साड़ियों का पार्सल बताकर चीन भेजने की बुकिंग करने लगा।

कर्मचारियों की सतर्कता: पैकेटों के अजीब वजन और आकार को देखकर डाक कर्मियों को शक हुआ। जब उन्होंने पैकेट खोलने को कहा, तो युवक घबरा गया और वहां से भागने की कोशिश की।

पकड़ और बरामदगी: कर्मचारियों ने उसे दौड़कर पकड़ा और पुलिस को सूचना दी। तलाशी लेने पर साड़ियों के बीच से 41 पैकेट रंग-बिरंगे किंगफिशर के पंख बरामद हुए।

तस्करी के पीछे का बिहार कनेक्शन?

​पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपित ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि वह ये पंख बिहार से लेकर आया था। हालांकि, पुलिस को उसके इस बयान पर पूरी तरह यकीन नहीं है। अधिकारियों को अंदेशा है कि यह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो लंबे समय से सक्रिय है।

क्यों होती है इन पंखों की तस्करी?

​किंगफिशर, जिसे स्थानीय भाषा में रामचिरैया या मछरंगा भी कहा जाता है, के पंखों की अंतरराष्ट्रीय बाजार, खासकर चीन में भारी मांग है। इनका उपयोग सजावटी सामान, महंगे फैशन परिधान और पारंपरिक औषधि (दावा किया जाता है) बनाने में किया जाता है।

कानूनी कार्रवाई: आरोपित को बारुईपुर अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। अब वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।

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