डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जन्मजात टेढ़े पैर (क्लब फुट) की समस्या से जूझ रहे बच्चों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जमशेदपुर में एक विशेष पहल की गई है। स्वास्थ्य विभाग और टाटा स्टील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में बच्चों की जांच की गई और उन्हें विशेष जूते व ब्रेसेस किट प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम में जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, टाटा स्टील फाउंडेशन के उपाध्यक्ष समेत सदर अस्पताल और टीएमएच के विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे।

पोंसेटी पद्धति से होगा सटीक उपचार
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अभिभावकों को बताया कि क्लब फुट का इलाज अब पूरी तरह संभव है। इसके लिए ‘पोंसेटी पद्धति‘ का उपयोग किया जाता है।
चरणबद्ध प्रक्रिया: इस पद्धति में बच्चों के पैरों को सही आकार देने के लिए नियमित अंतराल पर प्लास्टर चढ़ाया जाता है।
नि:शुल्क सहायता: इलाज के बाद बच्चों के पैरों की स्थिति बरकरार रखने के लिए उन्हें विशेष प्रकार के जूते और ब्रेसेस किट दी गई।
’नई राहें नए कदम’ कार्यक्रम की उपलब्धियां
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक जिले में 90 बच्चों की पहचान की गई है। 26 बच्चों का सफल इलाज सदर अस्पताल, खास महल में किया जा चुका है। 68 बच्चों का उपचार वर्तमान में टाटा मुख्य अस्पताल में चल रहा है।

