मुख्यमंत्री ने लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने नदी किनारे बने व्यूपॉइंट से गंगा के फैले पानी को देखा और अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति व तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने संभावित बाढ़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं।
दियारा और निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी
पटना में गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर बाढ़ का पानी सड़कों तक पहुंच गया है। मनेर, दानापुर और फतुहा के दियारा इलाकों में बड़ी आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। दोनों नदियां लाल निशान के ऊपर पहुंच चुकी हैं। पड़ोसी राज्यों में हुई भारी बारिश के साथ बाणसागर बराज और इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, कंट्रोल रूम सक्रिय
बाढ़ के खतरे को देखते हुए पटना के डीएम कुंदन कुमार ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी करने के साथ बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री तैयार रखने को कहा गया है। डीएम ने सभी तैयारियां 24 घंटे के अंदर पूरी करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है, जो सातों दिन काम करेगा। किसी भी सूचना या मदद के लिए 0612-2210118 और 8235449748 पर संपर्क किया जा सकता है। सभी प्रखंडों में भी प्रखंड स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन की अपील, अफवाहों से रहें दूर
डीएम ने लोगों से घबराने की अपील नहीं की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने को कहा गया है। बिहार में मानसून के दौरान गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ना आम बात है। इस बार भी नदियों के बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और दियारा व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

