​झारखंड में ग्रामीण विकास पर एक्शन: उपायुक्त का सख्त फरमान, हर पंचायत में मिलेगा रोजगार

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करने और जरूरतमंदों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। हाल ही में समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा के नए स्वरूप विकसित भारत के तहत रोजगार सृजन, जियो टैगिंग, लंबित भुगतानों और आवास योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

​हर पंचायत में 100 मजदूरों को काम देने का लक्ष्य

​ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने और आजीविका के साधन मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर पंचायत में प्रतिदिन कम से कम 100 श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने की कार्ययोजना बनाई जाए। जिन पंचायतों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। कार्यस्थलों पर मजदूरों की उपस्थिति, काम की गुणवत्ता और रिकॉर्ड के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मजदूरी और सामग्री मद के लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रमिकों को समय पर पैसे मिल सके।

​लाभुकवार निगरानी से पटरी पर आएगी आवास योजना

​समीक्षा के दौरान विभिन्न आवास योजनाओं के तहत लंबे समय से अधूरे पड़े मकानों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर एक लाभुक के काम की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं की पहचान कर लाभुकों को समय पर सही मार्गदर्शन दिया जाए। मकान निर्माण में तय किए गए क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का सख्ती से पालन हो। काम पूरा हो चुके आवासों का भौतिक सत्यापन कर जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित आशियाना सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

​अधिकारियों को आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत

​बैठक के अंत में अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि योजनाओं का क्रियान्वयन सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर उसका असर दिखना चाहिए। कार्यों में किसी भी तरह का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं होगा।इस अहम बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान के अलावा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीपीओ, बीसी और अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।

Share This Article