गयाजी। पितृपक्ष महासंगम के अंतिम दिन शनिवार को पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने फल्गु नदी के देवघाट पर विधि-विधान से पितरों का जल तर्पण किया। इस दौरान मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान भी मौजूद रहे।
विधि-विधान से किया तर्पण
पुरोहितों के मार्गदर्शन में जल तर्पण कर मोहन श्रीवास्तव ने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की।
ब्राह्मणों को कराया भोज
पितृपक्ष के अंतिम दिन उन्होंने 51 ब्राह्मणों को भोज कराकर दान-पुण्य किया और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
पितृपक्ष की धार्मिक महत्ता
मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान है। इस अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना लेकर पहुंचते हैं।
सनातन परंपरा का संदेश
उन्होंने कहा कि पितरों का स्मरण, तर्पण और दान-पुण्य सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह परंपरा पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संदेश देती है।

