डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: जिले में स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत गंडई के भिलाई पहाड़ी क्षेत्र में एक अत्याधुनिक पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए लगभग तीन एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है और अब इसे औपचारिक रूप से हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
भूमि आवंटन और डीपीआर की प्रक्रिया तेज
कॉलेज के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों ने समन्वय बनाकर काम शुरू कर दिया है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर चिन्हित जमीन की साफ-सफाई जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसे स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
शासन से डीपीआर की मंजूरी मिलने और बजट का आवंटन होते ही भवन निर्माण का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
कौन-कौन से कोर्स होंगे संचालित और क्या मिलेंगी सुविधाएं?
प्रस्तावित पैरामेडिकल कॉलेज में छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण और रोजगारपरक डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे।
प्रमुख कोर्सेज: मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, ओटी असिस्टेंट, एक्स-रे व रेडियोलॉजी टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट और इमरजेंसी केयर मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाएं: कॉलेज परिसर में दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बेहतरीन आवासीय सुविधाएं और हॉस्टल की व्यवस्था की जाएगी।
व्यावहारिक प्रशिक्षण: छात्रों को क्लिनिकल अनुभव और रोटेशनल ट्रेनिंग देने के लिए एम जी एम मेडिकल कॉलेज के साथ विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे अपनी फील्ड में पूरी तरह प्रशिक्षित हो सकें।
फिलहाल पैरामेडिकल के छात्र एमजीएम मेडिकल कॉलेज के परिसरों में कक्षाएं ले रहे हैं। लेकिन इस नए पैरामेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को एक स्वतंत्र शैक्षणिक परिसर, आधुनिक हॉस्टल और बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।

