हैदरनगर : पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाने का दिया भरोसा

Reena Sharma
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स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाने की उठी मांग

हैदरनगर, पलामू: राज्य के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने पंचायत परामर्श यात्रा के दौरान हैदरनगर प्रखंड के हैदरनगर पश्चिमी, इमामनगर बरेवा, बभांडीह व मोकहर कला पंचायतों का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिया। हैदरनगर पश्चिमी पंचायत में ग्रामीणों ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरनगर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाने की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि हैदरनगर व मोहम्मदगंज की एक लाख से अधिक आबादी को आपात स्वास्थ्य सेवा के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर हुसैनाबाद जाना पड़ता है। कई गंभीर मरीजों की रास्ते में ही मौत हो जाती है। केएन त्रिपाठी ने स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर इस समस्या के समाधान का प्रयास करने की बात कही।

सड़क, बिजली, पेयजल और रोजगार की समस्याओं से कराया अवगत

यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने प्रखंड व अंचल स्तर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को भी उनके समक्ष रखा। ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं का लाभ, सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं बताईं। ग्रामीणों ने कहा कि कई छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। केएन त्रिपाठी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि पंचायत परामर्श यात्रा का उद्देश्य केवल गांवों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को सीधे समझना और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों व सरकार के समक्ष मजबूती से रखना है।

जेएसएलपीएस की महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग रखी

जेएसएलपीएस की महिलाओं ने कम मानदेय का मुद्दा उठाते हुए पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले दस दिनों से हड़ताल पर हैं। केएन त्रिपाठी ने उन्हें कार्य पर लौटने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस जमाने में किसी का मानदेय दस हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष रखने और हर संभव समाधान कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर ही उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा जा सकता है और उसी आधार पर समाधान की दिशा में पहल की जा सकती है।

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जात-पात की राजनीति को नकारने और हिंदी के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील

केएन त्रिपाठी ने उपस्थित लोगों से कहा कि जात-पात और ऊंच-नीच की राजनीति करने वालों को नकारें तथा जो सभी वर्गों की बात करे, उसे मौका दें। उन्होंने कहा कि इससे जनता की समस्याओं के समाधान का रास्ता आसान होगा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से हिंदी को हटाने के सरकार के फैसले का भी विरोध किया और लोगों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

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