डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पूर्व रेलवे का सियालदह मंडल अपने स्टेशन परिसरों की सूरत बदलने और यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए एक बड़ा अभियान चला रहा है। अनधिकृत पार्किंग पर नकेल कसने से लेकर नई-नई दुकानों और खानपान के विकल्प मुहैया कराने तक, रेलवे का यह नया मॉडल अब यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने जा रहा है।
स्टेशनों पर होंगे ये बड़े बदलाव
सुरक्षित और पारदर्शी पार्किंग: स्टेशनों के आसपास से अतिक्रमण हटाकर अवैध पार्किंग स्थलों को नीलाम कर दिया गया है। इससे पार्किंग सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होगा, साथ ही स्टेशन में आवाजाही भी आसान बनेगी।
जरूरी सामान के लिए बहुउद्देशीय स्टॉल: यात्रा के दौरान जरूरी सामान की खरीदारी के लिए स्टेशनों पर बहुउद्देशीय स्टॉल खोले जा रहे हैं।
बेहतर कैटरिंग सुविधाएं: यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही हाइजीनिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन तथा पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए नए कैटरिंग टेंडर फाइनल किए गए हैं।
व्यावसायिक मॉडल से मिला 100 करोड़ का बूस्ट
यात्री सुविधाओं के इस बड़े विस्तार को पूरा करने के लिए रेलवे ने व्यावसायिक संपत्तियों का सही इस्तेमाल किया है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजीव सक्सेना के नेतृत्व में रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के शुरुआती साढ़े चार महीनों (19 अगस्त तक) में ही कुल 190 व्यावसायिक अनुबंध किए हैं, जिनसे रेलवे को लगभग 100 करोड़ रुपये (99.56 करोड़ रुपये) का गैर-किराया राजस्व प्राप्त होगा।
कहां से जुटाया कितना राजस्व:
पार्किंग: 102 अनुबंधों से 11.60 करोड़ रुपये
विज्ञापन: 16 अनुबंधों से 11.81 करोड़ रुपये
बहुउद्देशीय स्टॉल: 21 अनुबंधों से 8.54 करोड़ रुपये
कैटरिंग: 11 अनुबंधों से 3.96 करोड़ रुपये
अन्य कमर्शियल प्रोजेक्ट्स: 40 अन्य गैर-किराया अनुबंधों से 63.63 करोड़ रुपये
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने बताया कि रेलवे की प्राथमिकता सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रियों के यात्रा अनुभव, सुरक्षा और स्टेशन परिसर की सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

