झारखंड: पुलिस वसूली के विरोध में 1500 हाईवा संचालक हड़ताल पर, बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

KK Sagar
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Babulal marandi

झारखंड के चतरा जिले में कोल परियोजनाओं में लगे लगभग 1500 हाईवा संचालकों ने पुलिस की कथित अवैध वसूली के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल टंडवा–सिमरिया मार्ग पर पिछले कई दिनों से जारी पुलिस वसूली के विरोध में तेज होती जा रही है।

संचालकों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हर हाईवा से 5,000 से 10,000 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना किसी कारण केस दर्ज करने और ऊंचे जुर्माने की धमकी देकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी मजबूरी में वे सड़क पर उतरकर विरोध करने को बाध्य हुए हैं।


बाबूलाल मरांडी का आरोप: “वसूली का हिस्सा CM तक जाता है”

मामले ने राजनीतिक मोड़ तब ले लिया जब झारखंड BJP के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट कर हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

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मरांडी ने लिखा कि—

“झारखंड की जनता अपराधियों से ज्यादा वर्दीधारी गुंडों से त्रस्त है… पुलिस द्वारा वसूली की तय रकम का हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जेब में पहुंचता है।”

उन्होंने कहा कि सरकार की मशीनरी को व्यवसाइयों और ट्रांसपोर्टरों को “बर्बाद” करने के लिए लगाया जा रहा है। मरांडी के अनुसार, उद्योग राज्य से बाहर चले जाएं, बेरोजगारी बढ़ती रहे या अर्थव्यवस्था कमजोर होती जाए — इससे सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।


व्यवसायियों में बढ़ता रोष

हाईवा संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती पुलिस वसूली और दबाव के कारण:

ढुलाई का खर्च बढ़ गया है

कारोबार प्रभावित हो रहा है

कई कंपनियां परिचालन बंद करने पर मजबूर हो रही हैं

ट्रांसपोर्टर्स ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की उम्मीद जताई थी, लेकिन मरांडी के आरोपों के बाद मामला और गरमा गया है।


स्थिति क्या?

हड़ताल जारी रहने से कोल परियोजनाओं की ढुलाई पर सीधा असर पड़ रहा है। चतरा और आसपास के क्षेत्रों में उत्पादन एवं परिवहन बाधित होने से औद्योगिक गतिविधियों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

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