बिहार विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में इस बार महागठबंधन में चुनाव लड़ रही कांग्रेस को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। यह नुकसान ना सिर्फ साल 2025 के चुनावी आंकड़े बता रहे हैं, बल्कि देश में बिहार के इतिहास में 1951 से 2020 के बीच दर्ज चुनाव का इतिहास भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। चुनावी आंकड़ों के आकलन में ये सबसे खराब ऐतिहासक आंकड़ा निकल कर सामने आया है। हालांकि, अब भी कांग्रेस के हैसले बुलंद हैं। तभी करारी हार के बाद जबरदस्त जीत दर्ज करने वाले नीतीश की जेडीयू को ऑफर दिया जा रहा है।

राशिद अल्वी का नीतीश कुमार को ऑफर
बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद एनडीए एक तरफ सरकार बनाने ती तैयारी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर सरकार बनने जा रही है। इस बीच कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने नीतीश कुमार को बड़ा ऑफर दिया है। अल्वी का कहना है कि नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का साथ छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ मिलकर सरकार बनानी चाहिए।
5 साल पूरे नहीं करने देगी बीजेपी-अल्वी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी का दावा है कि अगर बीजेपी, नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना भी देती है, तो भी वह उन्हें पूरे पांच साल तक पद पर नहीं रहने देगी। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति का हवाला देते हुए बीजेपी की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर वो (बीजेपी) महाराष्ट्र में पूरी पार्टी तोड़ सकते हैं, तो दो-चार एमएलए को तोड़ना तो उनके लिए बच्चों का खेल है। इसलिए बीजेपी उन्हें 5 साल पूरे नहीं करने देगी।
अल्वी ने पेश किया नया सियासी समीकरण
अल्वी ने नीतीश कुमार को बीजेपी के मुकाबले एक बेहतर और मजबूत नेता बताते हुए नया समीकरण पेश किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सीटें 85, महागठबंधन की सीटें 35 मिलाकर 120 सीटें हो जाएगी। अल्वी ने दावा किया कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनते हैं और लालू यादव उन्हें समर्थन देते हैं, तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी उनका समर्थन कर देगी, जिससे उनकी सरकार 125 सीटों के साथ आराम से पांच साल तक चल सकती है।

