बिहार के कई जिलों में इन दिनों अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन चल रहा है। राज्य में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई एनडीए सरकार और गृह मंत्री की कमान संभालते ही डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ताबड़तोड़ एक्शन लेने शुरू कर दिए हैं। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन का शिकार ज्यादातर गरीब तबके के लोग हुए हैं। ऐसे में सरकार के इस बुलडोजर एक्शन पर जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव बुरी तरह भड़क गए हैं।

तेज प्रताप यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, नालंदा, सीतामढ़ी, पटना, आरा इत्यादि जैसे अनेकों जिलों में विगत दो दिनों से लगातार बुलडोजर से गरीब, दलित, वंचित समुदाय के लोगों के घर मकान को जबरन तोड़ा जा रहा है। आज बिहार के हजारों की संख्या में गरीब, दलित, वंचित परिवार अपने-अपने घरों के टूटने से पूर्ण रूप से टूट चुका है, उनके आंखों से आंसू निकल रहे हैं लेकिन कोई उनको देखने वाला तक नहीं है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राज्य में गरीब, दलित और वंचित लोगों के लिए सामाजिक न्याय अब है ही नहीं।
नीतीश सरकार के गृह मंत्री को लेकर क्या बोले तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने आगे लिखा, हम सभी इस बात से भली भांति अवगत हैं कि नवंबर महीने से ही ठंड की शुरुआत हो जाती है। दिसंबर और जनवरी के महीने में तो कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस ठंड के मौसम में किसी का घर टूटने का दर्द क्या होता है यह हम सभी समझ सकते हैं। लेकिन नीतीश सरकार के नए गृह मंत्री यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस बुलडोजर प्रक्रिया से यहां की आम जनमानस के छोटे-छोटे बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों पर क्या बीत रही होगी। वे ये भी भूल गए हैं कि कल तक जिस जनता जनार्दन का गुणगान गाते थे आज उन्हीं लोगों के घर परिवार उजाड़ रहे हैं।
एक-एक आंसुओं का हिसाब जनता लेगी-तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार से बेबस लोगों के आशियानों को तोड़ने पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, जिनके भी घरों को अब तक तोड़ा गया है उनके रहने की उचित व्यवस्था सहित आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की जाए। गरीबों की आंखों से निकले आंसू और उनकी बद्दुआ से कोई नहीं बच पाएगा। समय आने पर एक-एक आंसुओं का हिसाब जनता लेगी।

