मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह अचानक आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में शुरू हुई और तेजी से फैल गई। आग के साथ पूरे अस्पताल में घना धुआं भर गया, जिससे मरीज और उनके परिजनों में भगदड़ मच गई। इस हादसे में झुलसने और दम घुटने से 10 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर 5 मौतों की ही पुष्टि हुई है।
सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
मुजफ्फरपुर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) प्रदान किया जाए।
हादसे के बीच स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली रवाना
इधर, अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग और मौतों के बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है। इस बड़े हादसे के बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पटना एयरपोर्ट से अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। एयरपोर्ट पर जब मीडियाकर्मियों ने इस दर्दनाक घटना को लेकर उनसे सवाल पूछने चाहे, तो स्वास्थ्य मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने मीडिया के सामने सिर्फ हाथ जोड़े और बिना कुछ बोले आगे बढ़ते हुए दिल्ली की फ्लाइट पकड़ ली, जिसे लेकर अब विपक्ष और आम जनता के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है।

