डिजिटल डेस्क। कोलकाता : कलकत्ता हाई कोर्ट ने अरबों रुपये के रोजवैली चिटफंड घोटाले से जुड़े एक मामले की जांच का दायित्व भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड से लेकर कॉर्पोोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीनस्थ गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को सौंप दिया है।
यह मामला घोटाले में पीड़ित लोगों को रुपये लौटाने के लिए गठित सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप सेठ की अध्यक्षता वाली कमेटी पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप से संबंधित है। हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले फॉरेंसिक ऑडिट का जिम्मा SEBI को दिया था, लेकिन SEBI ने दक्ष अधिकारियों के अभाव का हवाला देकर अक्षमता जताई।
इस पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज व न्यायमूर्ति उदय कुमार की खंडपीठ ने अब यह दायित्व SFIO को सौंपा है। SFIO को आगामी तीन महीने में फॉरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट अदालत में जमा करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।

