Bihar: बिहार में ‘जुगाड़’ गाड़ियां पर लगेगा ‘ब्रेक’, नीतीश सरकार ने परिचालन पर लगाई रोक

Neelam
By Neelam
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बिहार की सड़कों पर लंबे समय से चल रही जुगाड़ गाड़ियां अब नजर नहीं आएंगी। सरकार अब ऐसी गाड़ियों पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है। इन गाड़ियों का इस्तेमाल कमर्शियल हो रहा है वह भी बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चलाए जा रहे हैं। 

आठ तारीख के बाद चलेगा विशेष अभियान

परिवहन विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (डीटीओ) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आठ तारीख के बाद जुगाड़ गाड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर पटना उच्च न्यायालय ने जुगाड़ गाड़ियों पर प्रतिबंध के आदेश दिये हैं, जिसे कड़ाई से लागू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि आठ तारीख के बाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ- साथ शहरी इलाकों में संचालित जुगाड़ वाहनों और उनके चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कारर्वाई की जायेगी।

जुगाड़ गाड़ियों का परिचालन दंडनीय अपराध

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जुगाड़ गाड़ियों का परिचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। यह मामला केवल यातायात नियमों का नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश और जनहित से जुड़ा है। इसलिए सभी डीटीओ को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए अपने-अपने जिलों में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जुगाड़ गाड़ी का नहीं होता कोई कागज

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जुगाड़ वाहन मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 और बिहार मोटर वाहन नियमावली 1992 में निर्धारित किसी भी मानक का पालन नहीं करते हैं। केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली के नियम 126 के तहत अधिकृत परीक्षण एजेंसियों से इनके प्रोटोटाइप को मंजूरी का प्रमाण- पत्र भी जारी नहीं होता। इसके कारण इन वाहनों का न तो पंजीकरण हो सकता है और न ही परमिट, बीमा, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण- पत्र बन पाता है। मंत्री ने आगाह किया कि जुगाड़ वाहनों से दुर्घटना की स्थिति में न तो पीड़ित को और न ही वाहन मालिक को किसी प्रकार का क्षतिपूर्ति लाभ मिल पाता है। साथ ही इनका संचालन यातायात व्यवस्था को बाधित करता है और आम लोगों की सुरक्षा के लिये गंभीर खतरा बनता है।

क्या है जुगाड़ गाड़ी

दरअसल, डीजल पंप सेट या बाइक या फिर स्कूटर का इंजन इसमें लगाया जाता है। मोटर साइकिल हैंडल और माल ढोने वाले रिक्शा-ठेले की बॉडी को जोड़कर जुगाड़ गाड़ी को बनाया जाता है। जिसका उपयोग लोग माल ढोने में करने करते हैं।

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