बिहार समेत पूरे देश में होली की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इससे पहले पहले पटना में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है। चितकोहरा के कौशल नगर स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पोल्ट्री अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में 6000 मुर्गियां संक्रमित पाई गईं।
6000 मुर्गियों को किया गया दफन
जांच में लगभग 6000 मुर्गियों (और कुछ बटेरों) में H5N1 वायरस का संक्रमण पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी संक्रमित पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से मारकर जमीन में दफना दिया। दफनाने के बाद गड्ढे पर नमक भी डाला गया ताकि संक्रमण आगे न फैले।
कौशल नगर इलाका इन्फेक्शन जोन घोषित
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पूरे पोल्ट्री फॉर्म और आसपास के इलाकों को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। एहतियात के तौर पर कौशल नगर इलाके को इन्फेक्शन जोन घोषित कर दिया गया है। यहां अंडे, मुर्गी और चारे के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
संक्रमण बढ़ने से पहले प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन ने पटना क्षेत्र में बाहर से मुर्गियां लाने और यहां से अन्य जिलों में भेजने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अगले कुछ महीनों तक स्थानीय स्तर पर मुर्गी पालन गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि संक्रमण का कोई नया मामला सामने न आए। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार इलाके की निगरानी कर रही हैं।
भागलपुर-कटिहार और दरभंगा में भी खतरा
इससे पहले भागलपुर, कटिहार, पटना और दरभंगा में 400 से अधिक कौवों में संक्रमण पाया गया था। जांच के लिए भेजे गए सैंपलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। पिछले एक महीने में पटना हाईकोर्ट, आईजीआईएमएस, मोकामा और कंकड़बाग समेत कई इलाकों में 200 से ज्यादा कौवों की मौत हुई थी, जिनमें एच-1एन-1 संक्रमण पाया गया।

