पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में NSUI का वनवास खत्म, 55 साल बाद वापसी, शांतनु शेखर बने अध्यक्ष

Neelam
By Neelam
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पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 में इस बार NSUI ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लंबे समय बाद इतिहास दोहराया। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के परिणामों में NSUI के शांतनु शेखर ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाकर कांग्रेस के छात्र संगठन की 55 साल बाद वापसी कराई।

शांतनु शेखर बने अध्यक्ष

NSUI ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद के लिए NSUI के प्रत्याशी शांतनु शेखर ने 2896 वोट हासिल कर बाजी मारी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्र जेडीयू के प्रिंस राज को बड़े अंतर से हराया। प्रिंस राज को 1400 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे।

महासचिव पद पर NSUI की खुशी की जीत

महासचिव पद के लिए NSUI और छात्र राजद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। NSUI की उम्मीदवार खुशी ने 2164 वोट पाकर जीत दर्ज की। छात्र राजद के प्रत्युष राज को 1611 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार का कब्जा

उपाध्यक्ष पद पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। निर्दलीय उम्मीदवार शिफत फैज ने 71 वोटों से जीत दर्ज की। शिफत फैज को 1568 वोट मिले, जबकि छात्र जेडीयू के आयुष हर्ष को 1497 वोट मिले। यहां भी छात्र जेडीयू दूसरे नंबर पर रहा।

संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के अभिषेक

संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के अभिषेक कुमार और कोषाध्यक्ष पर हर्ष वर्धन की जीत हुई। जबकि उसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई के मो. मुनव्वर आजम को 1751 वोट मिले। कोषाध्यक्ष बने एबीवीपी के हर्षवर्धन को 1519 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी अभिषेक कुमार को 1429 वोट मिले।

बिहार में कांग्रेस नेताओं को मुस्कुराने का मौका

कुछ महीने पहले बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, हार की उस निराशा के बाद बिहार कांग्रेस नेताओं को मुस्कुराने का मौका मिला है। दरअसल, पटना यूनिवर्सिटी में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने लंबे समय बाद इतिहास दोहराया। आखिरी बार 1971-72 में राम जतन सिन्हा के रूप में NSUI का अध्यक्ष चुना गया था। 1984 से 2012 तक लगभग 28 सालों तक पटना यूनिवर्सिटी में कोई लोकतांत्रिक (छात्र संघ) चुनाव नहीं हुए। 28 साल के लंबे प्रतिबंध के बाद फिर 2012 में नीतीश कुमार सरकार की ओर से चुनाव प्रक्रिया बहाल की गई। उसके बाद से NSUI की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

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