नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किया नामांकन पत्र, अमित शाह भी रहे मौजूद

Neelam
By Neelam
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बिहार की सियासत ने आज एक ऐतिहासिक मोड़ लिया है। लंबे समय तक बिहार की कमान संभालने के बाद अब नीतीश ने केंद्र की राजनीति का रुख किया है। राज्यसभा सदस्य के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।इस दौरान उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए के सीनियर नेता भी मौजूद रहे। 

नीतीश कुमार ने खुद किया राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऐलान

इससे पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक  पोस्ट के जरिए सक्रिय राजनीति में एक बड़े बदलाव का ऐलान किया। नीतीश कुमार ने लिखा,  ‘पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।’

आपके साथ मेरा संबंध भविष्य में भी बना रहेगा-नीतीश

नीतीश कुमार ने आगे लिखा, ‘संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहे।’

नीतीश का संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना तय

बता दें कि बिहार से राज्यसभा की पांच सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार थी। राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए नीतीश कुमार का संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।

बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना

वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को भारी जीत दिलाने के बाद नीतीश कुमार के पद छोड़ने से अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो बिहार को पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा। हिंदी भाषी राज्यों में बिहार ही अब तक ऐसा राज्य रहा है जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं रहा है।

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