बिहार में बारिश और आंधी का अलर्ट, मौसम विभाग ने राज्य के 27 जिलों में जारी की चेतावनी

Neelam
By Neelam
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बिहार में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि देकी जा रही है। इस बीच मौसम में बदलाव के बड़े संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज हवा, हल्की बारिश तो कुछ जगहों पर बिजली चमकने, मेघ गर्जन एवं कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है। 

अगले 24 से 48 घंटों में बदलेगा मौसम का मिजाज

पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के मौसम में बदलाव के आसार हैं। मोसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के ज्यादातर भागों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ मेघ गर्जन के साथ आंधी-पानी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। हवा की गति 30-40 किमी प्रतिघंटा रहने की संभावना है। राजधानी सहित दक्षिण भागों के अलावा अन्य भागों में छिटपुट वर्षा की संभावना है।

कई जिलों में दिखने लगा असर

मौसम विभाग के अनुसार पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिले में देर रात से ही आसमान में हल्के बादल छाने लगे हैं। सोमवार को दिन में इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, राजधानी पटना में भी सुबह से हल्के बादल छाए हुए हैं और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

इन जिलों में होगा ज्यादा असर

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मौसम का सबसे ज्यादा असर पूर्णिया से लेकर मुजफ्फरपुर और जमुई तक के इलाके में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों के आसपास के करीब 18 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनने की संभावना है। इसी को देखते हुए इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई , खगड़िया आदि भागों में तेज हवा चलने के साथ मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े कामों की योजना बनाएं और सुरक्षित उपाय अपनाएं।

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