बिहार की राजधानी पटना को जल्द ही आधुनिक और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की नई सौगात मिलने जा रही है। पटना में प्रशासनिक भवनों के बीच तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी के लिए ‘अल्ट्रा पॉड्स’ ट्रांजिट सिस्टम शुरू करने की योजना बनाई गई है।राज्य सरकार पुराने सचिवालय परिसर और आसपास के प्रमुख प्रशासनिक भवनों को जोड़ने के लिए ‘अल्ट्रा पॉड्स’ परियोजना शुरू करने जा रही है।
‘अल्ट्रा पॉड्स’ परियोजना पर चर्चा
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की टीम के बीच अहम बैठक हुई। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर पटना में ‘अल्ट्रा पॉड्स’ परियोजना की रूपरेखा पर चर्चा की।
15 महीनों में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में एलएंडटी की ओर से विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें पुराने सचिवालय परिसर को आसपास के प्रशासनिक भवनों से जोड़ने के लिए एक स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी सिस्टम का प्रस्ताव रखा गया। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को लगभग 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
5 किलोमीटर लंबा होगा ट्रैक
अल्ट्रा पॉड्स परियोजना की कुल लागत लगभग 296 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके तहत करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा। यह ट्रैक विश्वेश्वरैया भवन से शुरू होकर विकास भवन और विधान सभा होते हुए पुराने सचिवालय तक जाएगा। इस आधुनिक ट्रांजिट सिस्टम के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को एक भवन से दूसरे भवन तक तेज और सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिलेगी।
हर 7 सेकंड में उपलब्ध होगा पॉड
यात्रियों की सुविधा के लिए मात्र 7 सेकंड के अंतराल पर अगला पॉड स्टेशन पर उपलब्ध रहेगा। एक पॉड में 6 लोगों के बैठने की क्षमता होगी और इस रूट पर कुल 59 पॉड्स का संचालन किया जाएगा।
9 स्टेशन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
परियोजना के पहले चरण में कुल 9 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 2 स्टेशनों के पास पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा एक कंट्रोल रूम और एक अल्ट्रा पॉड पार्किंग सुविधा का निर्माण भी किया जाएगा।
आम लोगों को भी मिलेगी ट्रैफिक से राहत
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से खासकर सुबह और शाम के ऑफिस टाइम में लगने वाले जाम में कमी आएगी। इससे आम लोगों को भी काफी राहत मिलेगी। अल्ट्रा पॉड्स का किराया भी बेहद मामूली रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। यात्री टोकन या कार्ड रिचार्ज कर इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। बिहार सरकार की यह पहल भारत सरकार के स्मार्ट, सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मोबिलिटी के विजन के अनुरूप मानी जा रही है।

