अररिया में लालू यादव पर भड़के सीएम नीतीश, कहा- पहले वाला कुछ किया था? अपने हटे तो पत्नी को बना दिया

Reena Sharma
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बिहार में ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत अररिया जिले को विकास की नई रफ्तार मिली है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को समृद्धि यात्रा के तहत अररिया जिले के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिलेवासियों को करीब 545 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने नए पुलिस केंद्र के प्रशासनिक भवन का विधिवत उद्घाटन किया। साथ ही, रिमोट के माध्यम से जिले की विभिन्न महत्वपूर्ण विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

545 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात

अररिया में मुख्यमंत्री ने कुल 545 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ किया। सीएम नीतीश ने सबसे पहले 54 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक पुलिस लाइन भवन का उद्घाटन किया। यह पुलिस लाइन करीब 35 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इसके बाद 29.6 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एएनएम-जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान (नर्सिंग कॉलेज) का उद्घाटन किया। 

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सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र

समृद्धि यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने अररिया में जनता को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में सरकारी शिक्षकों की संख्या बढ़कर करीब 5 लाख 24 हजार हो चुकी है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार हुआ है। आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना लगभग 11,600 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। साल 2008 में कृषि रोड मैप बनाकर काम शुरू किया गया था और 2019 से 2024 तक चौथा कृषि रोड मैप लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 50 लाख घरों पर सोलर प्लेट लगाने की सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसका काम शुरू होगा।

अपनी सरकार के कामों की तुलना पुराने शासनकाल से

जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सरकार के कामों की तुलना पुराने शासनकाल से की। इस दौरान उन्होंने खास तौर पर महिलाओं के लिए किए गए कामों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं किया गया था, जबकि उनकी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

लालू सरकार पर नीतीश का तंज

इसी दौरान उन्होंने कहा कि जो पहले मुख्यमंत्री थे, उन्होंने पद छोड़ने के बाद अपनी “बेटी” को मुख्यमंत्री बना दिया था। हालांकि, नीतीश कुमार का इशारा उस घटना की ओर था जब 1997 में चारा घोटाले के मामले में इस्तीफा देने के बाद लालू प्रसाद यादव ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन बोलते समय मुख्यमंत्री की जुबान फिसल गई और उन्होंने राबड़ी देवी को लालू यादव की “बेटी” बता दिया।

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