मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ आज अपने पांचवें दिन में है। अपनी इस यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सहरसा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सहरसा पहुंचकर 500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, तो वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सहरसा एयरपोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान किया।
जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत सहरसा के सराहा स्टेडियम पहुंचे, जहां आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया। सीएम नीतीश कुमार ने सहरसा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि- केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से बिहार में लगातार काम हो रहा है। 2005 में एनडीए सरकार बनी और उसी में हम लोग यहां आए। तब से बिहार में कानून का राज है और हम लोग विकास के काम में लगे हैं।
लोगों को दिलाई लालू-राबड़ी शासन की याद
2005 के पहले की क्या स्थिति थी याद है ना आप लोगों को, लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। हिंदू मुस्लिम का झगड़ा हुआ करता था। स्कूल नहीं थे बच्चे भी काफी कम पढ़ते थे। हिंदू-मुस्लिम विवाद हुआ करता था।
नीतीश ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां
नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा, “अब डर और भय का वातावरण नहीं है। कब्रिस्तानों के घेराबंदी की गई। 60 साल से पुराने मंदिरों की भी घेराबंदी की गई। बिहार में आज 5 लाख 24 हजार शिक्षकों की संख्या हो गई है। बीएससी के द्वारा 45000 नए शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई मरीज इलाज के लिए नहीं जाता था, आज औसतन हर दिन 11,600 लोग पूरे बिहार में इलाज कराने आते हैं।”
एक महीने के अंदर जारी होगा सहरसा एयरपोर्ट का टेंडर
सीएम नीतीश के साथ उनकी समृद्धि यात्रा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि अगले एक महीने के अंदर सहरसा एयरपोर्ट का टेंडर जारी होगा। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के विजन से आज सहरसा से पटना की दूरी महज 3 से 4 घंटे में तय हो रही है। उन्होंने बताया कि खगड़िया और मानसी से सहरसा को जोड़ने के लिए विशेष सड़कों का काम चल रहा है। सिमरी-बख्तियारपुर जैसे टापू इलाकों में पुलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिस बिहार में कभी मात्र 6 हजार किमी सड़कें थीं, आज वहां 1 लाख 40 हजार किमी लंबी सड़कों का जाल है।

