दिल्ली में अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दुबे ने कहा कि देश जिन समस्याओं को लेकर आज चिंतित है और जिन पर राष्ट्रीय ऊर्जा खर्च हो रही है, विपक्ष उन्हें बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं की जड़ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार की नीतियां हैं।
भाजपा सांसद ने बताया कि उन्होंने “कांग्रेस का काला अध्याय” नाम से एक सीरीज शुरू की है, जिसकी शुरुआत 17 मार्च से की गई है। इस सीरीज के माध्यम से वे कांग्रेस के पुराने फैसलों और उनके प्रभावों को सामने लाने का दावा कर रहे हैं।
अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर बोलते हुए दुबे ने कहा कि देश में सबसे बड़ी समस्या बांग्लादेशी घुसपैठियों की है। उनके अनुसार, 5 से 8 करोड़ तक बांग्लादेशी भारत में रह रहे हैं। उन्होंने झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि 1951 में वहां आदिवासी आबादी 52% थी, जो अब घटकर 24-25% रह गई है, जबकि मुस्लिम आबादी 9% से बढ़कर 25-26% तक पहुंच गई है।
दुबे ने 19 मार्च 1972 को हुए समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर्रहमान के बीच एक गुप्त समझौता हुआ था, जिसने कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों को भारत आने की छूट दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इसे वोट बैंक की राजनीति के तहत बढ़ावा दिया।

