बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना: ग्रामीणों ने दी भूमि अर्जन को सहमति, जल्द शुरू होगा काम

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना के मार्ग की बाधाएं अब दूर होती नजर आ रही हैं। जिले के विभिन्न गांवों में आयोजित ग्राम सभा के दौरान स्थानीय रैयतों (जमीन मालिकों) ने परियोजना के लिए अपनी सहमति दे दी है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान किया।

इन गांवों में आयोजित हुई ग्राम सभा
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गुंजन सिन्हा की अध्यक्षता में बहरागोड़ा अंचल के भूरशान, खैरबनी, टोभाबनी, गौरांगपुर, मौदा हिजली मौजा (गांवों) में बैठकें की गई।

अधिकारियों ने किया शंकाओं का समाधान
ग्राम सभा के दौरान अधिकारियों ने रैयतों को परियोजना की आवश्यकता और इससे क्षेत्र को होने वाले आर्थिक व सामाजिक लाभों के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों ने भूमि अर्जन की प्रक्रिया, मुआवजे और अपनी अन्य चिंताओं को लेकर सवाल पूछे।

अधिकारियों ने रैयतों को आश्वस्त किया कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया नियमों के तहत होगी और किसी भी रैयत के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस सकारात्मक चर्चा के बाद सभी ग्रामीणों ने विकास कार्य के लिए अपनी जमीन देने पर सहमति जताई।

बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के साथ-साथ अंचल अधिकारी (बहरागोड़ा) और दक्षिण पूर्व रेलवे (खड़गपुर) के सहायक अधिशासी अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा बड़ी संख्या में प्रभावित गांवों के ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

क्या है परियोजना का महत्व?
बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन क्षेत्र के लिए लाइफलाइन साबित होगी। इससे न केवल परिवहन सुगम होगा, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ग्रामीणों की सहमति मिलने के बाद अब रेलवे प्रशासन निर्माण कार्य को गति देने की तैयारी में है।

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