बंगाल चुनाव: वोटिंग के दिन मिलेगी ‘सवेतन छुट्टी’, नहीं कटेगी सैलरी, सरकार ने जारी किया सख्त आदेश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। वित्त विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशिका के अनुसार, मतदान के दिन संबंधित क्षेत्रों के सभी कर्मचारियों के लिए सवेतन अवकाश अनिवार्य कर दिया गया है।

कामकाजी मतदाताओं के लिए बड़ी राहत
अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट सेक्टर या फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग सैलरी कटने के डर से वोट डालने नहीं जा पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है।

अनिवार्य छुट्टी: सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ सभी शैक्षणिक संस्थान, व्यापारिक प्रतिष्ठान और औद्योगिक इकाइयों को वोटिंग के दिन छुट्टी देनी होगी।

सैलरी नहीं कटेगी: ‘रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951’ के तहत कर्मचारियों को इस छुट्टी का पूरा वेतन मिलेगा।

बाहरी जिलों के लिए भी नियम: अगर कोई कर्मचारी किसी दूसरे क्षेत्र में काम करता है लेकिन उसका वोट मतदान वाले क्षेत्र में है, तो नियोक्ता को उसे वोट डालने के लिए सवैतनिक अवकाश देना होगा।

इन तारीखों पर लागू रहेंगे नियम
बंगाल में मतदान के चरणों के अनुसार छुट्टियां घोषित की गई हैं।

पहला चरण: 23 अप्रैल

दूसरा चरण: 29 अप्रैल

वहीं सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई नियोक्ता या संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करता है या कर्मचारी को वोट देने से रोकता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ‘ड्राई डे’ की भी घोषणा
शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने मतदान के दिनों को ‘ड्राई डे’ घोषित किया है। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का संदेश: इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक बिना किसी दबाव या आर्थिक नुकसान के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।

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