तृणमूल का भव्य शक्ति प्रदर्शन
आसनसोल/दुर्गापुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर औद्योगिक क्षेत्र में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। पांडेश्वर से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने हजारों समर्थकों के साथ भव्य रैली निकालकर नामांकन दाखिल किया। सिद्धू-कान्हो स्टेडियम से शुरू हुआ जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने शक्ति प्रदर्शन करते हुए जीत का दावा किया।
भाजपा की सादगीपूर्ण रणनीति
वहीं भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी ने बिना किसी बड़े जुलूस के सादगीपूर्ण अंदाज़ में नामांकन दाखिल कर अलग संदेश देने की कोशिश की। नामांकन से पहले उन्होंने घाघर बूढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी पारंपरिक तरीके से पूजा करने की तस्वीरें चर्चा का विषय बनी रहीं।
वाम दलों का संयुक्त मार्च
वामपंथी दलों ने भी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए CPI(M) के उम्मीदवारों—सीमांत चटर्जी, प्रभास साईं, नारायण बाउरी और प्रबीर मंडल—के साथ संयुक्त रूप से नामांकन दाखिल किया। लाल झंडों और नारों के साथ निकला उनका जुलूस संगठन की मजबूती को दर्शाता नजर आया।
भाजपा का व्यापक शक्ति प्रदर्शन
इसी क्रम में भाजपा ने भी कई विधानसभा क्षेत्रों में जोरदार रैलियां निकालीं। कुल्टी, बाराबानी और आसनसोल दक्षिण समेत विभिन्न इलाकों में प्रत्याशियों ने समर्थकों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बीएनआर क्षेत्र से निकली सामूहिक रैली में कई उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ी सियासी गर्मी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़े ‘फॉर्म-7’ को जबरन छीना जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव की मांग करते हुए ‘नो एसआईआर, नो वोट’ का नारा दिया और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
कड़ी सुरक्षा में शांतिपूर्ण नामांकन
पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। निगरानी के बीच नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, हालांकि रैलियों और बयानबाजी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

