एमजीएम मेडिकल कॉलेज कैफेटेरिया विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ‘आधुनिक एसोसिएट्स’ को तुरंत कब्जा सौंपने का आदेश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से चल रहा कैफेटेरिया विवाद अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कैफेटेरिया को तुरंत खाली कराकर इसका कब्जा वैध टेंडर धारक आधुनिक एसोसिएट्स को सौंपा जाए।

क्या है पूरा मामला?
​जमशेदपुर के हरहरगुट्टू स्थित आधुनिक एसोसिएट्स ने हाईकोर्ट में याचिका (WP (C) No. 1985/2026) दायर की थी। याचिकाकर्ता के अनुसार उन्हें एक पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के जरिए एमजीएम कैफेटेरिया के संचालन का वर्क ऑर्डर मिला था। अनुबंध की शर्तो के अनुसार, यह एग्रीमेंट 1 अप्रैल 2024 से अगले 5 वर्षो के लिए प्रभावी है। वर्क ऑर्डर मिलने के बावजूद उन्हें अब तक कैफेटेरिया का भौतिक कब्जा नहीं दिया गया था, जिससे संचालन में बाधा आ रही थी।

हाईकोर्ट की कड़ी फटकार और निर्देश
​1 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल कार्यालय (रांची) के माध्यम से जारी निर्देशों में कहा गया है कि न्यायालय इस मामले में किसी भी तरह की देरी के पक्ष में नहीं है। कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कैफेटेरिया को अविलंब खाली कराया जाए। ​तय समय सीमा के भीतर कब्जा याचिकाकर्ता को हस्तांतरित किया जाए। आदेश के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासनिक खेमे में हलचल
​हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन और एमजीएम प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया है। सूत्र बताते हैं कि कैफेटेरिया पर वर्तमान में काबिज पक्ष और नए टेंडर धारक के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। अब पुलिस और प्रशासनिक बल की मौजूदगी में परिसर खाली कराने की तैयारी की जा रही है

आगे क्या?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वर्तमान कब्जाधारी पक्ष हाईकोर्ट के इस आदेश पर क्या रुख अपनाता है। क्या प्रशासन बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा दिला पाएगा? फिलहाल, कोर्ट के इस आदेश ने यह साफ कर दिया है कि टेंडर प्रक्रिया के नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।

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